सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम लिखिए पर एक लेख - doordarshan-tv

Mobile Menu

Top Ads

Responsive Leaderboard Ad Area with adjustable height and width.

More News

logoblog

सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम लिखिए पर एक लेख

Thursday, 3 January 2019

सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम लिखिए पर एक लेख

निदेशक के कार्यों का उल्लेख किया गया है।
3. राज्य पुस्तकालय विभाग का प्रावधान नहीं है। बल्कि इसके समकक्ष पुस्तकालय
निदेशालय का उल्लेख है।
4. जिला पुस्तकालय प्राधिकरण का उल्लेख है। जिला पुस्तकालय प्राधिकरण का अध्यक्ष जिला अधिकारी है।
5. जिला पुस्तकालय अधिकारी का प्रावधान है।
6. अधिनियम में पुस्तकालय कर का प्रावधान नहीं है।
7. प्रत्येक स्थानीय पुस्तकालय प्राधिकरण एक पुस्तकालय निधि स्थापित करेगा।
8. पुस्तकालय की स्थापना एवं संचालन के लिए राज्य सरकार अनुदान देगी।
9. अधिनियम के अंतर्गत किस प्रकार के पुस्तकालय स्थापित किये जायेंगे। इसका कोई
उल्लेख नहीं है।

3.6. केरल सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम, 1987

1. अधिनियम के अन्तर्गत एक अलग सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग का प्रावधान नहीं है। 2. अधिनियम में राज्य पुस्तकालय काउन्सिल का प्रावधान है जिसका मुख्य कार्य परामर्श | देना है। | 3. राज्य पुस्तकालय काउन्सिल पुस्तकालय कर लगा सकती है। 3.7. हरियाणा सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम, 1987
1. अधिनियम के अंतर्गत एक अलग पुस्तकालय निदेशालय का प्रावधान है। 2. राज्य पुस्तकालय प्राधिकरण का प्रावधान है। 3. पुस्तकालयों के प्रभारी मंत्री राज्य पुस्तकालय समिति का अध्यक्ष होता है। 4. स्थानीय पुस्तकालय प्राधिकरण का प्रावधान नहीं है केवल जिला पुस्तकालय समिति,
शहर पुस्तकालय समिति, पंचायत पुस्तकालय समिति का उल्लेख है। 5. स्थानीय पुस्तकालय प्राधिकरण के सदस्यों के बारे में कोई निर्णय नहीं है!
पुस्तकालय कर, सम्पत्ति एवं गृह कर के उपर सरचार्ज के रूप में संग्रहित करने का प्रावधान है।
159

3.8. मणिपुर सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम, 1988

1. अधिनियम में एक अलग पुस्तकालय निदेशालय का प्रावधान है। 2. सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग के लिए निदेशक नियुक्त करने का प्रावधान। 3. प्रभारी मंत्री राज्य पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष होगे। 4. जिला पुस्तकालय प्राधिकरण का प्रावधान है। सदस्यों की संख्या 6 निर्धारित है। इसका
| कार्य काल 3 वर्ष है। 5. पुस्तकालय कर का प्रावधान नहीं है।
6. प्रत्येक जिला पुस्तकालय प्राधिकरण को पुस्तकालय निधि बनाने का है। 3.9. मिजोरम सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम, 1993
1. सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग बनाने का प्रावधान है। 2. राज्य पुस्तकालय परिषद बनाने का प्रावधान है। इसके 18 सदस्य होगें। 3. राज्य शिक्षा मंत्री इस परिषद का अध्यक्ष होगा। 4. स्थानीय पुस्तकालय प्राधिकरण का प्रावधान नहीं है।
5. पुस्तकालय कर का प्रावधान नहीं है।

3.10. गोवा सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम, 1993 

1. अधिनियम में राज्य पुस्तकालय विभाग के स्थान पर राज्य पुस्तकालय सेल का
प्रावधान है। 2. राज्य पुस्तकालय परिषद का प्रावधान है। 3. मंत्री प्रभारी परिषद का अध्यक्ष है। 4. स्थानीय पुस्तकालय प्राधिकरण की जगह स्थानीय पुस्तकालय समिति म प्रावधान है।
जो जिला, तालूक एवं गाँव स्तर पर होगी। 5. स्थानीय पुस्तकालय समिति के कार्यकाल का उल्लेख नहीं है। 6. पुस्तकालय कर का प्रावधान है जो कि 0.50 रु प्रति लिटर मदय पर सरचार्ज के रूप
में वसूला जायेगा। 7. सरकार पुस्तकालय निधि बनायेगी जिसमें राज्य शिक्षा बजट का 1 प्रतिशत जमा किया
जायेगा।

3.11. गुजरात सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम, 2001

यह अधिनियम वर्ष 2001 के अन्त में पारित हुआ है जिसकी सूचना अब पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित होगी। इसलिये इसकी चर्चा नहीं की गई है। 3. सारांश
इस इकाई में भारत वर्ष के ग्यारह राज्यों (तमिलनाडू, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल, हरियाणा, मणिपुर, मिजोरम, गोवा एवं गुजरात) के सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम के प्रमुख विशेषताओं की विवेचना की गयी। प्रत्येक की अच्छाई एवं कमियों को इंगित किया गया है।
160
4. अभ्यासार्थ प्रश्न | 1. भारत में बताइये। किन किन राज्यों में सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम पारित हुआ,
इनकी प्रमुख विशेषतायें 2. सार्वजनिक पुस्तकालय अधिनियम लिखिए पर एक लेख । 5. विस्तृत अध्ययनार्थ ग्रन्थसूची। 1. Mittal, R.L., Public Library , An International Survey, New Delhi,
Metropolitan, 1978 2. Rout, R.K., Library Legislation in India, New Delhi, Relaence
Publishing house, 1986
161

इकाई -12 : प्रतिलिप्याधिकार कानून एवं ग्रन्थ प्राप्ति 3119 A21H (Copyright Law and Delivery of Books Act)

उद्देश्य इस इकाई के निम्नलिखित उद्देश्य है -
1. प्रतिलिप्याधिकार सम्बन्धी विषय से अवगत होना, 2. भारत वर्ष में लागू दो अधिनियम -
() मुद्रण एवं ग्रन्थ रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1967 एवं
(ii) डिलिवरी ऑफ बुक्स अधिनियम, 1954 की विशेषताओं से परिचित होना, एवं 3. लेखकों का कानूनी अधिकार से अवगत होना। संरचना
1. विषय प्रवेश 2. लेखकों का कानूनी अधिकार 3. ग्रन्थ प्राप्ति अधिनियम 3.1 मुद्रण एवं ग्रन्थ पंजीकरण अधिनियम, 1867
3.1.1 अधिनियम की मुख्य विशेषतायें 3.2 डिलिवरी ऑफ बुक्स एक्ट (सार्वजनिक पुस्तकालय) 1954
3.2.1 अधिनियम की प्रमुख विशेषतायें 4. सारांश 5. अभ्यासार्थ प्रश्न | 6. विस्तृत अध्ययनार्थ ग्रन्थसूची 1. विषय प्रवेश
प्रतिलिप्याधिकार (कॉपीराइट) एक वैधानिक शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है किसी साहित्यिक या कलात्मक कृति के प्रकाशन, बिक्री इत्यादि का अधिकार। कॉपीराइट बौद्धिक सम्पत्ति जैसे किए ग्रन्थ या कलात्मक या साहित्यिक कृति के लेखकों या उत्सृजनकर्ता को निश्चित समय के लिए दिया गया कानूनी अधिकार है। कॉपीराइट साहित्यिक अथवा कलात्मक सामग्री के उत्सृजनकर्ता (जैसे कि लेखक, कवि इत्यादि) को उनके पुस्तकों के गैर कानूनी प्रतिलिपिकरण या नकल के विरूद्ध उन्हें सुरक्षा प्रदान करता है। किसी पुस्तक की प्रति या नकल अन्य कोई न करे इसके लिए ही कॉपीराइट कानून बनाया गया है। कॉपीराइट कानून न होने से कोई भी किसी भी पुस्तक की प्रति करके या मुद्रण करके कोई भी व्यक्ति बेच सकता है। जिससे कि लेखकों को अत्यधिक आर्थिक हानि हो सकती है। कॉपीराइट कानून उत्सुजनकर्ता (लेखक) के अधिकार को सुरक्षित रख कर उन्हें साहित्यिक अथवा उत्सृजनात्मक कार्यों के लिए प्रोत्साहित करता है। कॉपीराइट अन्य लोगों हारा पुस्तक के उपयोग से होने वाले लाभ को पुस्तक लेखक के हित में सुरक्षित रखता है। दूसरे शब्दों में लेखकों को उनके पुस्तक या अन्य बौद्धिक सामग्री पर उनके सर्वाधिकार को मान्यता देता है। 2. लेखकों का कानूनी अधिकार
कॉपीराइट अधिनियम के अन्तर्गत लेखक जिसने कृति का उत्सृजन किया है वह कॉपीराइट का प्रथम मालिक होता है।
| भारतीय कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के उपभाग 14 में कुछ क्रियायें उद्धृत की गयी है जिन पर लेखकों का पूर्ण अधिकार है। पुस्तक का लेखक यदि चाहे तो इन सभी क्रियायें अथवा इसके कुछ अंश को क्रियान्वित करने का अधिकार किसी अन्य को दे सकता है। ये कार्य यदि किसी अन्य द्वारा गैर कानूनी ढंग से या बिना अधिकार प्राप्त किया जाता है तो इसे कॉपीराइट कानून का उल्लंघन समझा जायेगा। ये क्रियायें निम्न हैं:
(अ) किसी भी कृति को दूसरे रूप या प्रारूप में प्रतिलिपित करना। इसके अन्तर्गत
| इलेक्ट्रानिक माध्यम में ग्रन्थों का भण्डारण भी है। 

No comments:

Post a Comment